श्रीनगर: कश्मीर में शुक्रवार को पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर स्थिति सामान्य बनी हुई है। हालांकि, ईंधन की कमी की खबरों के बीच कुछ पेट्रोल पंप बंद जरूर नजर आए, लेकिन अधिकांश पंपों पर पेट्रोल आसानी से मिल रहा है और कहीं भी असामान्य भीड़ देखने को नहीं मिली।
जानकारी के मुताबिक, जो पेट्रोल पंप फिलहाल बंद हैं, उनका कहना है कि असल में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सप्लाई लगातार जारी है, लेकिन पेमेंट के तरीके में बदलाव के कारण संचालन प्रभावित हुआ है। पहले पेट्रोल पंप संचालक बिना अग्रिम भुगतान के भी ईंधन प्राप्त कर लेते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत पहले पेमेंट करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसी वजह से कुछ पंप अस्थायी रूप से बंद हैं।
कैन में पेट्रोल बेचने पर रोक
दूसरी ओर, लोगों में फैली घबराहट ने स्थिति को प्रभावित किया है। पहले जहां रोजाना लगभग 5,000 लीटर पेट्रोल की खपत होती थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 10,000 लीटर तक पहुंच गई है। लोग अपने वाहनों की टंकियां फुल करवा रहे हैं और अतिरिक्त ईंधन कैनों में भरकर जमा कर रहे हैं, जिससे कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर कमी देखने को मिली।
नतीजतन, सरकार ने अब एक आदेश जारी कर कैन में पेट्रोल बेचने पर रोक लगा दी है। स्थानीय लोगों के बीच यह घबराहट मुख्य रूप से मध्य-पूर्व में चल रही मौजूदा परिस्थितियों को लेकर है। उन्हें आशंका है कि आने वाले समय में पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसी कारण वे अतिरिक्त ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएम उमर का सख्त आदेश
इससे पहले, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि पेट्रोल और गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अगर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर लोग विश्वास करना बंद नहीं करते हैं, तो वे कुछ दिनों के लिए पेट्रोल पंप बंद करने का आदेश देंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राशनिंग या आपूर्ति में कटौती के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा, जब सरकार की ओर से कोई बात होती है तो उसे कोई नहीं सुनता है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। इसी वजह से पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी रहती है।
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